छाल-: ‘सोशल फोरम ऑफ ह्यूमन राइट्स’ (SFHR) का आठवाँ स्थापना दिवस राष्ट्रीय वर्चुअल बैठक के रूप में बेहद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बैठक का संचालन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष खेमसिंह चौहान ने सभी पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि संगठन ने निस्वार्थ सेवा और कड़ी मेहनत के बल पर देश के आठ राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि संगठन ने अब तक सूचना का अधिकार (RTI), बाल मजदूरी उन्मूलन, शिक्षा का अधिकार, साइबर अपराध से सुरक्षा और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक अभियान चलाए हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर लीगल सेल का गठन
बैठक में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि संस्था के सभी एडवोकेट मेंबर्स को मिलाकर एक ‘राष्ट्रीय लीगल सेल’ का गठन किया गया है, जिसमें एक चेयरपर्सन और सचिव होंगे। इसके अलावा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बड़े कार्यक्षेत्र को देखते हुए इन्हें दो भागों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया है।
वार्षिक प्रगति और वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत
राष्ट्रीय महामंत्री एम. वहीद सिद्दीकी ने सेक्रेटरी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संगठन भारत सरकार के NGO DARPAN पोर्टल पर पंजीकृत हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 का ऑडिट पूर्ण है और 2025-26 के ऑडिट की प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शेखर शेल्के ने आय-व्यय का ब्यौरा देते हुए बताया कि संस्था को आयकर अधिनियम की धारा 12A और 80G के तहत मान्यता दिलाने के प्रयास अंतिम चरण में हैं। इन सभी प्रशासनिक व वित्तीय कार्यों में महाराष्ट्र के अध्यक्ष नितिन अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।
इन राज्यों के प्रतिनिधियों ने रखे विचार
बैठक में दिल्ली के अध्यक्ष रविंद्र तोमर, छत्तीसगढ़ के गणपत चौहान, उत्तर प्रदेश के राजकुमार चौहान, उड़ीसा के रमेश मिश्रा, राजस्थान के गणेश शर्मा सहित अमित पांडे, तनवीर अहमद, राम अवतार शर्मा, बुधराम अग्रवाल और भीमराव शेगांवकर ने भी अपने विचार साझा किए।
अंत में महाराष्ट्र के सचिव सफदर सिद्दीकी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने गाजियाबाद में सफल ब्लड डोनेशन कैंप के लिए यूपी टीम की सराहना की और बताया कि उन्होंने रेलवे यात्रियों की सुविधा हेतु फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए रेल मंत्री व महाराष्ट्र सरकार को पत्र भी लिखा है।
