छाल-: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और लक्ष्य साफ, तो रास्ते की दूरियां और संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती । इसे सच कर दिखाया है खरसिया विकासखंड के एक छोटे से गाँवकुर्रु के मेधावी छात्र कृष महंत ने। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणामों में कृष ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है, बल्कि पूरे प्रदेश की प्रावीण्य सूची (Merit List) में तीसरा स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।

साइकिल की रफ्तार और 12 घंटे का कड़ा तप
कृष की यह सफलता कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि बरसों की तपस्या का परिणाम है। कुर्रु गाँव से स्कूल की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है। चिलचिलाती धूप हो या कड़कड़ाती ठंड, कृष प्रतिदिन इस दूरी को तय कर छाल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुँचते थे। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्कूल की पढ़ाई और उसके बाद घर आकर प्रतिदिन 12-12 घंटे किताबों के साथ वक्त बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा।

सीमित संसाधन, असीमित सपने
कृष के पिता कंचन महंत गाँव में एक छोटी सी राशन दुकान चलाते हैं और खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद कृष ने कभी अपनी आर्थिक स्थिति को अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया।
”हमारे पास संसाधन भले ही कम थे, लेकिन कृष की लगन कभी कम नहीं हुई। उसने बचपन से ही सिर्फ अव्वल आना सीखा है।” शीतल दास महंत (कृष के दादा)
आईएएस बनकर देश सेवा का लक्ष्य
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय कृष ने अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन को दिया है। कृष के साथ-साथ उनके भाई-बहन भी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो इस परिवार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कृष ने स्पष्ट किया कि उनका सपना अब आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है।
क्षेत्र में जश्न का माहौल
कृष की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही गाँव कुर्रु और छाल क्षेत्र में पहुँची, खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कृष के घर पहुँचकर उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी। कृष आज उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं जो अभावों के बीच बड़े सपने देखने से डरते हैं।
बड़ी बातें:
नाम: कृष महंत (पिता: कंचन महंत)
उपलब्धि: 12वीं बोर्ड में 97.8%, छत्तीसगढ़ में तीसरा स्थान।
प्रारंभिक शिक्षा: शहीद वीर नारायण स्कूल, छाल।
लक्ष्य: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)।
